Rumored Buzz on ⚠️ Galat samay par ki gayi sadhna vipreet asar bhi de sakti hai.
........................................................................................................
अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें।
साधना समय में जिस मंत्र का जप कर रहें हों, उस मंत्र के देवता की प्रतिमा या फोटो अवश्य सामने स्थापित करें।
भैरव की अघोर शक्ति से और सिद्ध मंत्र से किया गया अभिमंत्रित कड़ा यानि कि भैरव कड़ा जो हर तरह की बीमारियों के सामने रक्षण देता हे मसान की खतरनाक शक्तियों के सामने और बुरी आत्मा के सामने रक्षण करता हे जिसको चाहिए वो हमारा कॉन्टैक्ट करके मंगवा सकता हे
कुछ नया जानने और सीखने की जादुई दुनिया !
मन्त्र ज्यो शत्रु भयो। डाकिनी वायो, जानु वायो।
क्योंकि इस समय साधना करने से उन्हें जल्दी ही साधना में सफलता प्राप्त होती है,अगर कोई साधक सूर्य ग्रहण या फिर चंद्र ग्रहण के समय मंत्र साधना करता है तो उसे अवश्य सफलता मिलती है.
मंत्र सिद्ध होने पर क्या होता है : मंत्र से किसी देवी या देवता को साधा जाता है, मंत्र से किसी भूत या पिशाच को भी साधा जाता है और मंत्र से किसी यक्षिणी और यक्ष को भी साधा जाता है। मंत्र जब सिद्ध हो जाता है तो उक्त मंत्र को मात्र तीन बार पढ़ने पर संबंधित मंत्र से जुड़े देवी, देवता या अन्य कोई आपकी मदद के लिए उपस्थित हो जाते हैं।
सही स्थान और समय:- मंत्र जाप के लिए एकांत, शांत और पवित्र स्थान का चयन करें। रात्रि के शांत वातावरण में या ब्रह्म मुहूर्त में मंत्र जाप करना अधिक प्रभावी होता है।
गुरु click here के सिवा किसी भी अन्य व्यक्ति से साधना सम्बन्धी कोई बात न करें।
नियमित और दृढ़ता:- मंत्र की सिद्धि के लिए नियमित और निरंतर अभ्यास आवश्यक है। प्रत्येक दिन निर्धारित संख्या में मंत्र का जप करें।
अब आप यह सोच रहे होंगे कि आखिर इसका असर हमारे ऊपर कैसे पढ़ता है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब सूर्य ग्रहण या चंद्र ग्रहण लगता है तो इसका प्रभाव सीधा हमारी राशियों पर आता है.
एते विज्ञानं अहिन न नगयो। मोहि करेत्साराकुठीतिलसकम सरुपद्रे।
भोजन और आहार में संयम:- साधना के दौरान मांस, मदिरा और अन्य तामसिक पदार्थों का त्याग करें। सात्विक आहार ग्रहण करें।